अदम गोंडवी (1947–2011) जनपक्षधरता, क्रांतिकारी चेतना और तीखे राजनीतिक व्यंग्य के बेबाक कवि थे। उन्होंने अपनी ग़ज़लों और कविताओं के माध्यम से हाशिए के समाज की आवाज़ को बुलंद किया और व्यवस्था की विसंगतियों पर कड़ा प्रहार किया।
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सुदामा पाण्डेय 'धूमिल'
1936–1975Khevali, Varanasi, India
सुदामा पाण्डेय 'धूमिल' (1936–1975) साठोत्तरी हिंदी कविता के अत्यंत सशक्त और जनपक्षधर कवि थे। अपनी तीखी राजनीतिक चेतना और बेबाक शैली के लिए विख्यात धूमिल ने 'संसद से सड़क तक' जैसे संग्रहों के माध्यम से समकालीन समाज और राजनीति के अंतर्विरोधों पर गहरा प्रहार किया। उन्हें मरणोपरांत साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
