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कविताएँ

एक कविता दोस्ती पर

कवि: मनीष कुमार यादव

खुद को गुवेरा, मुक्तिबोध, मार्क्स और विद्रोही की कड़ी का हिस्सा मानने वाले ये दोस्त चाहते हैं दूर रखना अपनी ज़िन्दगी को विचारधारा और आन्दोलन के साए से भी

राजनीति की सड़क पर

कवि: जसिंता केरकेटा

अब यह लिंग धीरे-धीरे बन्दूक में तब्दील हो रहा है इसके ज़रिए एक साथ किसी ख़ास समुदाय का बलात्कार किया जाएगा

कवि

सुदामा पाण्डेय 'धूमिल'

सुदामा पाण्डेय 'धूमिल' (1936–1975) साठोत्तरी हिंदी कविता के अत्यंत सशक्त और जनपक्षधर कवि थे। अपनी तीखी राजनीतिक चेतना और बेबाक शैली के लिए विख्यात धूमिल ने 'संसद से सड़क तक' जैसे संग्रहों के माध्यम से समकालीन समाज और राजनीति के अंतर्विरोधों पर गहरा प्रहार किया। उन्हें मरणोपरांत साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

अंकिता रासुरी

समकालीन हिंदी कवयित्री, आधुनिक एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़ी कविताओं के लिए चर्चित।

अदम गोंडवी

अदम गोंडवी (1947–2011) जनपक्षधरता, क्रांतिकारी चेतना और तीखे राजनीतिक व्यंग्य के बेबाक कवि थे। उन्होंने अपनी ग़ज़लों और कविताओं के माध्यम से हाशिए के समाज की आवाज़ को बुलंद किया और व्यवस्था की विसंगतियों पर कड़ा प्रहार किया।

कुंवर नारायण

कुंवर नारायण (1927–2017) आधुनिक हिंदी साहित्य के मूर्धन्य कवि और विचारक थे। उनकी काव्य-दृष्टि में इतिहास, मिथक और समकालीन मानवीय नियति का गहरा दार्शनिक समन्वय मिलता है।

आयोजन

नए आयोजन और प्रतियोगिताएँ घोषित होने पर यहाँ दिखाई देंगे।