नीलाम कर देंगे
कवि: अदम गोंडवी
सदन को घूस देकर बच गई कुर्सी तो देखोगे अगली योजना में घूसख़ोरी आम कर देंगे
सुदामा पाण्डेय 'धूमिल'
उन्होंने जनता और ज़रायमपेशा औरतों के बीच की सरल रेखा को काटकर स्वास्तिक चिन्ह बना लिया है

कविताएँ
कवि: अदम गोंडवी
सदन को घूस देकर बच गई कुर्सी तो देखोगे अगली योजना में घूसख़ोरी आम कर देंगे
कवि: अदम गोंडवी
कभी आकर जिले में आप सामंती ठसक देखें कहा जाता है यू.पी. में न राजा है न रानी है
किताबें

लेखक: अदम गोंडवी
वाणी प्रकाशन - 2010 - हिन्दी
जनकवि अदम गोंडवी का काव्य-संग्रह 'समय से मुठभेड़' समकालीन सामाजिक-राजनीतिक विसंगतियों और हाशिए के समाज के संघर्षों को प्रखरता से रेखांकित करता है। वाणी प्रकाशन द्वारा प्रकाशित इस संग्रह में 'नीलाम कर देंगे' और 'शायर की ज़ुबानी' जैसी उनकी प्रसिद्ध रचनाएँ शामिल हैं, जो व्यवस्था के दोहरे चरित्र पर तीखा प्रहार करती हैं। अदम जी की शायरी जन-सरोकारों और बेबाक बयानी का जीवंत दस्तावेज़ है।