जन-गण-मन
मैं भी मरूंगा और भारत के भाग्य विधाता भी मरेंगे लेकिन मैं चाहता हूं कि पहले जन-गण-मन अधिनायक मरें
सुदामा पाण्डेय 'धूमिल'
उन्होंने जनता और ज़रायमपेशा औरतों के बीच की सरल रेखा को काटकर स्वास्तिक चिन्ह बना लिया है

कविताएँ
मैं भी मरूंगा और भारत के भाग्य विधाता भी मरेंगे लेकिन मैं चाहता हूं कि पहले जन-गण-मन अधिनायक मरें
किताबें

लेखक: रमाशंकर यादव 'विद्रोही'
नवारुण - 2018 - हिन्दी
'नयी खेती' प्रख्यात जनकवि रमाशंकर यादव 'विद्रोही' की चर्चित कविताओं का संग्रह है। इस काव्य-संग्रह की रचनाएँ आम जनमानस के संघर्ष, सामाजिक चेतना, समानता और प्रतिरोध के स्वर को बेहद प्रखरता के साथ अभिव्यक्त करती हैं।