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शहर में सूर्यास्त

सुदामा पाण्डेय 'धूमिल'

उन्होंने जनता और ज़रायमपेशा औरतों के बीच की सरल रेखा को काटकर स्वास्तिक चिन्ह बना लिया है

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Publisher

राजकमल प्रकाशन

राजकमल प्रकाशन हिन्दी साहित्य और कविता का एक प्रतिष्ठित व अग्रणी संस्थान है, जो दशकों से उत्कृष्ट साहित्यिक कृतियों, काव्य-संग्रहों और उच्चस्तरीय पठन सामग्री का प्रकाशन कर रहा है।

4 books on Kavitabol

किताबें

राजकमल प्रकाशन की किताबें

संसद से सड़क तक

संसद से सड़क तक

लेखक: सुदामा पाण्डेय 'धूमिल'

राजकमल प्रकाशन - 2006 - हिन्दी

'संसद से सड़क तक' सुदामा पाण्डेय 'धूमिल' का अत्यंत चर्चित काव्य-संग्रह है। राजकमल प्रकाशन द्वारा प्रकाशित इस संग्रह में समकालीन राजनीतिक यथार्थ, सामाजिक विसंगतियों और आम जन के प्रतिरोध का प्रखर स्वर मिलता है। इसमें 'बीस साल बाद' और 'शहर में सूर्यास्त' जैसी प्रसिद्ध कविताएँ संकलित हैं।

फटी हथेलियाँ

फटी हथेलियाँ

लेखक: नेहा नरुका

राजकमल प्रकाशन - 2024 - हिन्दी

नेहा नरुका का कविता-संग्रह 'फटी हथेलियाँ' श्रम, संघर्ष और मानवीय संवेदनाओं का एक सघन दस्तावेज़ है। 'अकाल' और 'जवान लड़की की लाश' जैसी कविताओं के माध्यम से यह संग्रह समकालीन जीवन की कठोर सच्चाइयों, सामाजिक विषमताओं और स्त्री-अनुभूतियों को अत्यंत संजीदगी से स्वर देता है। राजकमल प्रकाशन द्वारा प्रकाशित यह कृति अपनी गहरी सामाजिक प्रतिबद्धता और संवेगात्मक तीव्रता के लिए उल्लेखनीय है।

ईश्वर और बाज़ार

ईश्वर और बाज़ार

लेखक: जसिंता केरकेटा

राजकमल प्रकाशन - 2022 - हिन्दी

'ईश्वर और बाज़ार' जसिंता केरकेटा का चर्चित काव्य-संग्रह है, जो वर्ष 2022 में राजकमल प्रकाशन द्वारा प्रकाशित हुआ। इस संग्रह की कविताएँ समकालीन सामाजिक-राजनीतिक यथार्थ, जल-जंगल-ज़मीन से जुड़े सरोकारों और बाज़ारीकरण के दौर में मानवीय संवेदनाओं को मुखरित करती हैं।